Image from Google Jackets

गोदान (Godan)

By: Material type: TextTextPublication details: साहित्यागार जयपुर २००२DDC classification:
  • 891.431
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)

मुंशी प्रेमचंद ने जो कुछ भी लिखा है, वह आम आदमी की व्यथा कथा है, चाहे वह ग्रामीण हो या शहरी। गांवों की अव्यवस्था, किसान की तड़प, ग्रामीण समाज की विसंगतियां, अंधविश्वास, उत्पीड़न और पीड़ा की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है - गोदान। मुंशी प्रेमचंद की चिर-परिचित शैली का जीता-जागता उदाहरण है गोदान, जो जमीन से जुड़ी हकीकतों को बेनकाब करता है। विश्व की सर्वाधिक भाषाओं में अनुवाद होकर बिकने का गौरव केवल गोदान को ही प्राप्त है। ‘गोदान’ का सर्वाधिक प्रमाणिक संस्करण एक संपूर्ण उपन्यास।

There are no comments on this title.

to post a comment.
Implemented & Customized by: BestBookBuddies

Powered by Koha